Ram Lala: कृष्ण शैली में मूर्ति, श्यामल रंग, आभामंडल में दशावतार, जानें रामलला की मूर्ति की विशेषताएं- top news with 5 popular Facts

Ram Lala: अयोध्या में बड़ी धूमधाम से पहले ही हमारे दिलों में बसे हुए राम लला की एक नई तस्वीर हमें मिली है! यह वही रूप है जिसे मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। तस्वीर में रामलला हमें मुस्कराते हुए, माथे पर तिलक लगाए, बेहद प्यारी मुद्रा में नजर आ रहे हैं। आइए, इस मूर्ति की खासियत को जानते हैं।

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अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का वक्त बहुत ही करीब है! इससे पहले यहां बहुत सारी विधियाँ और अनुष्ठानें शुरू हो चुकी हैं। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के चौथे दिन, जो हमारे शुक्रवार को आ रहा है, सुबह नौ बजे अरणी मंथन से अग्नि का प्रकट होगा। इसी समय रामलला की मूर्ति की एक नई तस्वीर हमें मिली है! तस्वीर में रामलला को माथे पर तिलक लगाए हुए, सौम्य मुद्रा में देखा जा सकता है। हालांकि, इस तस्वीर को गर्भगृह में लाने से पहले की गई है, इसलिए भगवान की आंखों में एक पट्टी बंधी हुई है। चलिए, इस मूर्ति की सभी खासियतों को जानें।

Ram Lala: रामलला की मूर्ति की क्या विशेषता है?

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भगवान राम के बाल रूप की मूर्ति को अब गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है! मूर्ति पर भगवान राम की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है। आज, यानी 22 जनवरी को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस अद्भुत मूर्ति की पट्टी हटाकर प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। वायरल तस्वीर में हम भगवान राम के पूरे स्वरूप को देख सकते हैं! तस्वीर में रामलला माथे पर तिलक लगाए हुए, सौम्य मुद्रा में प्रस्तुत हो रहे हैं। राम लला के चेहरे पर भक्तों का मन मोह लेने वाली मुस्कान दिखाई दे रही है। एक नए आरंभ के इस पवित्र मौके पर, हम सभी को एक साथ हृदय से आशीर्वाद भेजते हैं! 🙏✨

मूर्ति करीब 200 किलोग्राम वजनी तो ऊंचाई 4.24 फीट

मूर्ति की खासियतें देखने पर लगता है कि इसमें कई तरह की खूबियां हैं! यह मूर्ति एक श्याम शिला से बनाई गई है, जिसकी आयु हजारों साल होती है। एक बहुत बड़ी बात है कि मूर्ति को जल से कोई नुकसान नहीं होगा, और इसे चंदन, रोली, आदि लगाने से भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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मूर्ति का वजन लगभग 200 किलोग्राम है, जो काफी भारी है! इसकी कुल ऊचाई 4.24 फीट है, जबकि चौड़ाई तीन फीट है। मूर्ति का सुंदर रूप, कमल दल पर खड़ी मुद्रा, हाथ में तीर और धनुष के साथ यह एक सुबहद मूर्ति है। इसमें कृष्ण शैली में बनी मूर्ति की सुंदरता है। 😇🌸

और क्या खास है?

मूर्ति की बातें सुनकर लगता है कि इसमें कई धार्मिक प्रतीक हैं! ऊपर स्वास्तिक, ॐ, चक्र, गदा, और सूर्य भगवान सभी विराजमान हैं। रामलला के चारों ओर आभामंडल है, जो इसे और भी प्रतिष्ठित बनाता है। श्रीराम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं, और मस्तक सुंदर है, जिसमें बड़ी आंखें और भव्य ललाट हैं। भगवान राम का दाहिना हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है। इस मूर्ति में भगवान विष्णु के 10 अवतारों का संकेत है, जो एक अद्भुत रूप में प्रकट हो रहा है। मूर्ति के नीचे, एक ओर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी हैं और दूसरी ओर गरुड़ जी को उकेरा गया है।

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इस मूर्ति में एक अद्वितीय छोटे बच्चे की बालों की सुलभ कोमलता भी झलक रही है। यह मूर्तिकार अरुण योगीराज जी ने पांच साल के बच्चे की निर्माण की है, और इससे बहुत ही अद्वितीयता और पवित्रता की खोज हो रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अधिकारियों का कहना है कि इस मूर्ति में बालत्व, देवत्व, और एक राजकुमार की तीनों गुण दिखाई दे रहे हैं। 🌟🙌

कठिन था मूर्ति का चयन:Ram Lala

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अयोध्या के श्रीराम मंदिर में तीन मूर्तियों की स्थापना होने वाली है, जिनमें से एक मूर्ति गर्भगृह में स्थापित की जाएगी। इनके बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि गर्भगृह में राम लला किस रूप में विराजमान होंगे। मूर्तिकारों ने तीनों मूर्तियों को इतना सुंदर बनाया कि चयन करना कठिन हो रहा था, कौन सी सुंदर है और कौन सी नहीं। अंततः, बाल रूप वाली मूर्ति को राम मंदिर के गर्भगृह में विराजने का निर्णय लिया गया। 🌟🕊️

विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा

22 जनवरी को सुबह, हम सभी रामलला के विग्रह की पूजा करेंगे और दोपहर में, मृगशिरा नक्षत्र के महत्वपूर्ण मौके पर, रामलला का अभिषेक किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी होंगे, जो श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। रामलला भी रामनगरी की पंचकोसी परिक्रमा करेंगे और अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में दर्शन और पूजा करेंगे।

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प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम बहुत ही भव्य होने वाला है। सियासत, सिनेमा, खेल, और अध्यात्म से जुड़ी तमाम हस्तियों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, प्रिय क्रिकेटर, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत, और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भी इस अद्भुत क्षण में हमारे साथ होने के लिए आमंत्रित किया गया है। 🌟🌺

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Conclusion

इस अद्भुत प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के साथ, हम सभी एक नए आरंभ की ओर बढ़ रहे हैं, जहां श्रीरामलला की मूर्ति का अद्भूत सानिध्य अपने भक्तों के दिलों में बसेगा। यह एक सामूहिक साधना है, जो एकजुट होकर समृद्धि, शांति, और एक सशक्त भविष्य की ओर बढ़ने का प्रतीक है। इस सांस्कृतिक उत्सव से हम सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर भगवान के आशीर्वाद का अनुभव करेंगे और समृद्धि और समर्थन की भावना को बढ़ावा देंगे। इस पवित्र मौके पर हम सभी एकजुट होकर भविष्य में सुख-शांति की दिशा में कदम से कदम मिलाकर चलें। 🙏🌺

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